

बालोद. जिले के ग्राम झलमला में खनिज न्यास निधि से लगभग 6 साल पहले 20 लाख रुपए खर्च कर जिला प्रशासन ने हायर सेकंडरी स्कूल के पीछे साइंस गार्डन बनाया, जो देखरेख के अभाव में पूरी तरह से उजड़ चुका है। यहां लगाए गए झूले भी टूट गए हैं। जिला प्रशासन व जिला पंचायत इसे संवारने कोई रुचि नहीं दिखा रहे है।
जिम्मेदार ने मुंह मोड़ लिया
ग्राम पंचायत के सरपंच ने कहा कि हमारे पास इसकी मरम्मत के लिए फंड ही नहीं है। जिला प्रशासन इसकी मरम्मत करा दे तो गार्डन उपयोग में आ सकता है। मरम्मत के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखेंगे। गार्डन बनने के बाद जितने भी आए कलेक्टर व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने इससे मुंह मोड़ लिया।
उपयोग नहीं करना था तो क्यों खर्च किया
ग्राम झलमला के ग्रामीणों ने कहा कि गार्डन को अच्छी जगह बनाया गया है। कुछ दिन के लिए खोला गया। इसके बाद बंद हो गया। गार्डन में अब असामाजिक तत्व का डेरा रहता है। यहां बैठकर शराब पीते हैं। इसे रोकने वाला कोई नहीं है। ग्रामीण व आसपास निवासरत लोगों ने कहा कि गार्डन का उपयोग करना नहीं था तो खनिज न्यास मद से 20 लाख रुपए क्यों खर्च किया गया।
कलेक्टर चाहें तो संवर सकता है साइंस गार्डन
जिला कलेक्टर कोई पहल कर इस उजड़े साइंस गार्डन की सुध ले तो यह गार्डन फिर से संवर सकता है। गार्डन बनने के बाद अब तक जितने भी अधिकारी आए है, वह सब गार्डन की स्थिति देख शांत हो जाते हैं।
गार्डन में लगे झूले व अन्य सिस्टम खराब
गार्डन के मुख्य गेट में भी जंग लग चुका है। यहां लगाए गए झूले भी सिर्फ शो पीस बने हुए हैं। वहीं कई सामान खराब हो चुके हैं। पूर्व सरपंच आशा ठाकुर ने कहा कि उनके कार्यकाल में भी इसकी मरम्मत के लिए जिला प्रशासन से चर्चा की गई थी।
कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ मौन
मामले में कलेक्टर कुलदीप शर्मा व जिला पंचायत सीईओ डॉ. रेणुका श्रीवास्तव से मोबाइल पर संपर्क कर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया।
व्यवस्थित करने की जरूरत
इस उद्यान की साफ -सफाई व व्यवस्थित करने की जरूरत है। प्रशासन कुछ खर्च कर संवार दे तो यहां फिर से स्कूली बच्चे खेलने लगेंगे।
गार्डन की मरम्मत के लिए फंड नहीं
झलमला सरपंच उमा पटेल ने कहा कि इस गार्डन की मरम्मत के लिए फंड नहीं है। खनिज न्यास से मेरे कार्यकाल के पूर्व में निर्माण किया गया था। कुछ माह बाद बंद हो गया। अभी स्थिति दयनीय है। जिला प्रशासन सफाई व व्यवस्थित करने में सहयोग करे तो यह उपयोग में आ सकता है।
