जगदलपुर. बस्तर में हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता संग्रहण ने रिकार्ड 2 लाख 82 हजार 714 मानक बोरा संग्रहण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अनुमान के मुताबिक अपने लक्ष्य को पार करते हुए तेंदूपत्ता बस्तर के संग्राहकों ने कुल एक अरब 55 करोड़ 49 लाख का कारोबार किया है जो अब तक का सबसे अधिक है। इस संग्रहण से यहां के लगभग दो लाख से अधिक संग्राहकों को पिछले वर्ष की तुलना में लाखों रूपए की अतिरिक्त आमदनी हुई है। इस वर्ष बीजापुर के मुकाबले सुकमा जिले में सबसे अधिक 1. 41 लाख बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण हुआ है जबकि सबसे अधिक मूल्यवान तेंदूपत्ता देने वाला बीजापुर इस वर्ष पिछड़ गया और अपने लक्ष्य से दूर रह गया।

विशिष्ट तेंदूपत्ता के चलते सबसे मूल्यवान तेंदूपत्ता उत्पादन करने वाले बीजापुर जिला ( Bijapur News ) इस वर्ष अनुमान से कम संग्रहण कर अपने लक्ष्य से दूर रह गया। एक लाख 21 हजार 8 सौ मानक बोरा लक्ष्य के मुकाबले यहां पर कुल 98 हजार 225 मानक बोरा का संग्रहण ही हो पाया। यही वजह है सबसे अधिक आया प्राप्त करने वाला बीजापुर जिला सुकमा से पिछड़ गया। संग्रहण लक्ष्य के मामले में जगदलपुर 22 हजार 615 और दंतेवाड़ा 20 हजार 525 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण कर अपने लक्ष्य से अधिक संग्रहण कर पाने में सफल रहा।
बस्तर जिले में इस वर्ष तेंदूपत्ता संग्रहण से यहां के संग्राहकों में कुल एक अरब 55 करोड़ 49 लाख 26 हजार 897 रूपए प्राप्त हुआ। इस राशि में 77 करोड़ 74 लाख 15 हजार 512 रूपए अकेले सुकमा हो प्राप्त हुआ है। वहीं 11 करोड़ 28 लाख 88 हजार के साथ दंतेवाड़ा जिले को मिला है। बस्तर में तेंदूपत्ता से डेढ़ अरब रूपए से अधिक की आय प्रशासन से मिले लक्ष्य को पार करने और संग्रहण दर में बढ़ोतरी के चलते हुआ।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों को पूर्व के चार हजार प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 5 सौ रूपए कर दिया। सरकार के इस घोषणा से तेंदूपत्ता संग्राहकों में उत्सव का माहौल देखा गया और कड़ी धूप और बरसात के बावजूद संग्रहण के लिए डटे रहे।
दंतेवाडा और जगदलपुर ने भी पार किया लक्ष्य
बस्तर रेंज केे चार जिलों में जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर शामिल है जिन्हें इस वर्ष कुल 270600 मानक बोरा तेदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य दिया गया था। 20 अप्रैल से शुरू इस उत्सव में शुरूआती दौर में पिछड़ने के बाद सभी जिलों में जोर शोर से तेंदूपत्ता संग्रहण किया गया। इस कार्य में सुकमा जिले में सबसे अधिक 1 लाख 41 हजार 348 मानक बोरा संग्रहण किया गया जो लक्ष्य से लगभग 33 हजार मानक बोर अधिक है। इसके अलावा दंतेवाड़ा जगदलपुर ने भी अपने अपने लक्ष्य को पार कर अपने आमदनी को बढ़ाने में सफल हुए।
75 समिति 260400 से अधिक संग्राहक
बस्तर रेंज में अगर संग्राहकों की संख्या की बात किया जाय तो बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और जगदलपुर को मिलाकर कुल 75 समितियों में दो लाख से अधिक संग्राहक संख्या है लेकिन वर्तमान में लगभग 260400 संग्राहक इस कार्य में जुटे हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 67732 संग्राहक अकेले सुकमा जिले के हैं। वहीं सबसे कम 14032 संग्राहक दंतेवाड़ा जिले से हैं। यह संग्राहक स्थानीय वनोपज समीतियों के आधीन काम करता है। बस्तर में बीजापुर जिले का तेंदूपत्ता सबसे अच्छा माना जाता है। अकेले बीजापुर में ही बीते वर्ष 35 करोड़ रूपये से अधिक का तेंदूपत्ता संग्रहण हुआ था।
