नई दिल्ली: ICAR CSR कॉन्क्लेव 2026: किसानों तक पहुंचेंगी आधुनिक कृषि तकनीकें, 75 कंपनियां आईं साथ – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और एग्रीइनोवेट इंडिया लिमिटेड (एजीआईएन) ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी) में ‘आईसीएआर टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो फॉर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया। सम्मेलन का उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के माध्यम से कृषि अनुसंधान, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को किसानों तक तेजी से पहुंचाने के लिए उद्योग जगत, कॉर्पोरेट संस्थानों और अन्य हितधारकों के साथ साझेदारी को मजबूत करना रहा। इस आयोजन में देश की 75 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

सम्मेलन में आईसीएआर द्वारा विकसित सीएसआर-योग्य कृषि प्रौद्योगिकियों, नवाचारों और विस्तार योग्य परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि, प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित खेती, फसल विविधीकरण, मृदा स्वास्थ्य सुधार, स्वास्थ्य के लिए कृषि, कृषि कौशल विकास तथा महिला किसानों और कृषि विस्तार में उनकी भूमिका जैसे विषयों पर रहा। इन पहलों का उद्देश्य रणनीतिक सीएसआर निवेश के माध्यम से कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करना और ग्रामीण विकास को नई गति देना है।
75 कंपनियों के 150 प्रतिनिधि हुए शामिल
आईसीएआर के इस कॉन्क्लेव में कृषि क्षेत्र के प्रति उद्योग जगत की बढ़ती रुचि भी देखने को मिली। कार्यक्रम में 75 उद्योगों के करीब 150 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वहीं 570 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से सम्मेलन में भाग लिया और यूट्यूब लाइव वेबकास्ट को 1,600 से अधिक लोगों ने देखा। इससे देशभर में इस आयोजन की व्यापक पहुंच सुनिश्चित हुई।
कॉलेज और विश्वविद्यालय
कॉन्क्लेव से पहले चार शहरों में हुए रोड शो
आईसीएआर और एग्रीइनोवेट इंडिया लिमिटेड ने मुख्य सम्मेलन से पहले हैदराबाद (20 जून), बेंगलुरु (23 जून), मुंबई (1 जुलाई) और कोलकाता (7 जुलाई) में क्षेत्रीय आईसीएआर सीएसआर एवं टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो रोड शो आयोजित किए थे। इन आयोजनों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सीएसआर साझेदारों को जोड़ना और आधुनिक कृषि तकनीकों के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना था।
इन चारों रोड शो में 500 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया। इनमें कॉर्पोरेट कंपनियों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), मीडिया प्रतिनिधियों और आईसीएआर संस्थानों के वैज्ञानिक शामिल रहे। कई संस्थानों ने आईसीएआर के साथ सीएसआर आधारित परियोजनाओं में सहयोग की इच्छा भी जताई।
कई बड़ी कंपनियों ने जताई साझेदारी की प्रतिबद्धता
सम्मेलन के समापन पर कई प्रमुख उद्योग और वित्तीय संस्थानों ने आईसीएआर एवं एग्रीइनोवेट इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर कृषि अनुसंधान और सीएसआर परियोजनाओं में सहयोग करने की घोषणा की। इनमें एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AICIL), एसबीआई फाउंडेशन, यूको बैंक, आईसीआईसीआई फाउंडेशन, बायोवेट प्राइवेट लिमिटेड, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI), आईएनएफएएच, वेंकटेश्वर हैचरीज प्राइवेट लिमिटेड, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड और यस बैंक जैसी संस्थाएं शामिल हैं।
इन साझेदारियों के माध्यम से आईसीएआर द्वारा विकसित आधुनिक कृषि तकनीकों के व्यावसायीकरण और किसानों तक उनके तेजी से विस्तार की दिशा में काम किया जाएगा। इससे किसानों को नई तकनीकों तक आसान पहुंच मिलेगी और कृषि क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीकों का लाभ
आईसीएआर का मानना है कि विज्ञान, नवाचार और उद्योग जगत के सहयोग से विकसित कृषि तकनीकों को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने, उत्पादकता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसानों की आय में वृद्धि करने में मदद मिलेगी।
कॉन्क्लेव ने शोध संस्थानों, उद्योग जगत, नीति निर्माताओं, विकास संगठनों और सीएसआर भागीदारों को एक साझा मंच पर लाकर यह संदेश दिया कि कृषि क्षेत्र में सतत विकास और तकनीकी बदलाव के लिए सरकारी संस्थानों और निजी क्षेत्र की साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। आईसीएआर का उद्देश्य इन सहयोगों के जरिए आधुनिक कृषि तकनीकों को खेत तक पहुंचाना और देशभर के किसानों को उनका अधिकतम लाभ दिलाना है।
