चुनाव आयोग ने सोमवार को छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण में सात नवंबर और दूसरे चरण में 17 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव परिणामों की घोषणा तीन दिसंबर को होगी। ऐसे में आज से 55 दिन बाद छत्तीसगढ़ को नई सरकार मिल जाएगी। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या भाजपा सत्ता में वापसी करेगी या फिर सीएम भूपेश बघेल दोबारा करिश्मा दिखा पाएँगे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले परिणामों को लेकर अभी से कयासों का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी ने कई सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर जोरशोर से प्रचार-प्रसार में जुटी है। पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत दूसरे बड़े नेता लगातार दौरा कर रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में सत्तासीन कांग्रेस लगातार जमीन स्तर से कार्यकर्ताओं को जोड़ने में लगी है। पार्टी आलाकमान यहां पर उम्मीदवारों के नामों के एलान से पहले लगातार माथा पच्ची कर रहा है। कांग्रेस ने साल 2018 के विधानसभा चुनाव में 15 साल तक सत्ता में काबिज रहने वाली बीजेपी को बेदखलकर जोरदार वापसी की थी। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सिर्फ 15 सीटों पर यानि लगभग 16 फीसदी सीटों जीत दर्ज किया था।
छत्तीसगढ़ में हर पांच साल में सत्ता बदलने की रीति अभी नहीं है। 2003 से 2018 तक बीजेपी लगातार सत्ता में रही। 2018 के विधानसभा चुनावों ने कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों पर फोकस किया और सत्ता में वापसी की। धान का समर्थन मूल्य कांग्रेस के लिए मास्टर स्ट्रोक था। किसान कर्ज माफी की घोषणा सरकार बनाने के लिए बूस्टर डोज साबित हुई। इस बार के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने फिर से स्थानीय मुद्दों पर फोकस शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों का दौरा करने के लिए सीएम भूपेश बघेल भेंट मुलाकात कार्यक्रम कर रहे हैं।









