

नहर की सपोर्टिंग वॉल निर्माण में ठेकेदार द्वारा जमकर लीपापोती की जा रही है। यह काम सिंचाई विभाग द्वारा की जा रही है। अधिकारियों को काम की रिपोर्टिंग के लिए भी समय नहीं मिल पाता। इसके चलते ठेकेदार काम में जमकर मनमानी की जा रही है। हद तो तब हो जा रही है जब इसमें निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। ठेकेदार ने केवल गिट्टी रेत में थोड़ी बहुत सीमेंट की चंद मात्रा डालकर काम की औरपचारिकता निभाई जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि एक ओर वॉल का निर्माण की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर वाल की गिट्टी रेत भर-भराकर गिरने लगी है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि काम में गुणवत्ता का कितना ध्यान दिया गया है। गौरतलब है कि जिला मुख्यालय में नहर का जाल फैला है। चूंकि बीच शहर से होकर गुजरी है। नहर पार में पक्की सड़क भी बनी है। नहर के दोनों ओर लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए नहर में सपोर्टिंग वॉल का निर्माण किया गया था। दो साल पहले इसका निर्माण किया गया था, लेकिन एक दो साल के बाद ही नहर की सपोर्टिंग वॉल धंसने लगी है। इससे गुणवत्ता का ध्यान बिल्कुल नहीं रखा गया है। इसके चलते एक एक तरफ से वाल गिरने लगी है। खासकर बारिश के दिनों में इसकी हालत बेहद खराब हो गई और जगह जगह से यह धंस गई। इसकी मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग ने गुपचुप तरीके से काम शुरू किया है लेकिन काम में गुणवत्ता का तनिक भी ध्यान नहीं रखा गया है। इसके चलते निर्माणाधीन वाल बनते ही उसमें का गिट्टी गिरकर धंसने लगी है।
पानी की भी तराई नहीं की गई
एक ओर नहर में सपोर्टिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर 24 घंटे के भीतर उसका सेट्रिंग प्लेट को निकाल लिया जा रहा है। इससे वॉल की मजबूती नहीं बन पा रही है। हद तो तब हो जा रही है जैसे ही सेट्रिंग प्लेट को निकाला जा रहा है वैसे ही उसमें की गिट्टी धंसकर गिरने लगा है।
सपोर्टिंग वॉल निर्माण में गुणवत्ता से काम हो रहा है या नहीं इसकी जानकारी ली जाएगी। ठेकेदार को गुणवत्ता से काम करने कहा जाएगा।
-अर्जुन कुर्रे, ईई सिंचाई विभाग
