घरघोड़ा। इस वक्त की सबसे बड़ी खबर रायगढ़ जिले के घरघोड़ा से निकल सामने कर आ रही है। एनटीपीसी तिलाइपाली के अधीनस्थ कंपनी के अधिकारियों ने अपने ही कर्मचारियों को गाली गलौज देते हुए लात घूसों से पिटाई करते हुए सिर फोड़ दिया है। आपको बताना चाहेंगे कि एनटीपीसी तलाई पाली के अधीनस्थ कंपनी कलिंगा कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा अपने ही कंपनी के कर्मचारियों की पिटाई करते हुए सिर फोड़ दिया है। प्रार्थी विकास कुमार शर्मा के द्वारा घरघोडा थाना में लिखित शिकायत की गई है। विकास कुमार शर्मा का आरोप है कि वह कलिंगा कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड कंपनी में पोकलेन ऑपरेटर का काम करता है, जो कि पोकलेन आपरेटिंग के दौरान पोकलेन का पाइप फट गया। जिसकी सूचना अपने कंपनी के मैकेनिकल प्रभारी कृपासिंधु को एवं कमर्शियल एच आर रतिकांत सेनापति को दिया गया। सूचना पाकर कृपासिंधु एवं रतिकांत सेनापति के द्वारा पाइप फटने के कारण गुस्सा करते हुए ऑपरेटर विकास कुमार शर्मा को गाली गलौज देते हुए अपने हाथ में रखे मशीन टूल्स से फेंक कर विकास कुमार को मारा,जिससे विकास कुमार के सिर पर गंभीर चोट आई है। विकास कुमार का यह भी कहना है कि कंपनी के मैकेनिकल प्रभारी कृपा सिंधु एवं कमर्शियल एचआर रतिकांत सेनापति के द्वारा अश्लील एवं अभद्र गाली गलौज करते हुए मुझे जान सहित खत्म करने एवं दुर्घटना बताने के उद्देश्य से मेरे हाथ पैर पकड़कर खींचने लगे। उसी दरमियान मेरे सहकर्मी साथियों द्वारा बीच बचाव किया गया,जिससे मेरी जान बच गई। उक्त कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि कलिंगा अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के लीव राशि वार्षिक अवकाश के दरमियान अर्जित छुट्टियों की राशि जैसे कि अन्य कंपनियां अपने कर्मचारियों को देती है। मांग करने पर उक्त अधिकारी नाराज हो जाते हैं और उक्त कर्मचारियों को जात-पात एवं गाली गलौज देते मारपीट करते हुए भयपूर्ण वातावरण उत्पन्न कर देते हैं,जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण विकास कुमार शर्मा है। जान से मारने की धमकी के साथ लाश को गायब कर देने तक की बात कही गई है। संबंधित कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि कंपनी प्रबंधन के द्वारा कर्मचारियों के साथ हमेशा से दुर्व्यवहार किया जाता है। केसीसीएल कंपनी के कर्मचारियों ने घरघोड़ा थाना में केसीसीएल कंपनी के मैकेनिकल प्रभारी कृपा सिंधु एवं कमर्शियल एच आर रतिकांत सेनापति के विरुद्ध लिखित शिकायत करने की बात सामने आ रही है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन एनटीपीसी के अधीनस्थ केसीसीएल अधिकारियों के विरुद्ध किस प्रकार कार्रवाई करती है।








