विनाशकारी भूकंप के बाद तुर्की और सीरिया में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ताजा समाचार के मुताबिक, अब ताईवान में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। रेक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 मापी गई है। इस बीच, तुर्की और सीरिया में में कुल मिलाकर 4000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोग अब भी इमारतों के मलबे में दबे हैं। हजारों लोग घायल हैं। मृतकों की संख्या हर घंटे बढ़ रही
7.8 तीव्रता के भूकंप के बाद तुर्की में 2971 लोगों की मौत की सूचना आ रही है। यहां के कई शहरों में भारी तबाही हुई है। दिल दहला देने वाले फोटो-वीडियो सामने आए हैं।
दोनों देशों में सोमवार सुबह रिक्टर पैमाने पर 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप से दोनों देश दहल उठे। यहीं नहीं, इसके कुछ ही घंटों भीतर 7.6 और 6.0 तीव्रता के दो और भूकंप भी आए।
भूकंप से हजारों इमारतें ढह गईं। कड़ाके की ठंड और बारिश से राहत कार्यों में बाधा आ रही है। यहीं नहीं, खराब मौसम ने बेघर हुए लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। भूकंप से प्रभावित लोग बचने के लिए बर्फीली सड़कों पर जमा हो गए। दक्षिणी तुर्किये और उत्तरी सीरिया में सबसे ज्यादा तबाही हुई।
तुर्किये: 1939 में आया था 7.8 की तीव्रता वाला भूकंप
इससे पहले तुर्किये में वर्ष 1939 में 7.8 की तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसमें 32 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब सवा चार बजे आए भूंकप का मुख्य केंद्र तुर्किये के गजियांटेप प्रांत में नूरदगी से 23 किलोमीटर दूर पूर्व में रहा।
करीब एक मिनट तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भूकंप के केंद्र से साढ़े पांच हजार किलोमीटर दूर ग्रीनलैंड तक झटके महसूस किए गए।
लेबनान में लोगों ने करीब 40 सेकंड तक कंपन महसूस किया और राजधानी बेरूत में लोग घरों से बाहर खुले में निकल आए। सोमवार को तुर्किये में कुल मिलाकर भूकंप के करीब 78 से अधिक झटके लगे।
इस बीच तुर्किये में मची तबाही के कई वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। इसमें ऊंची-ऊंची इमारतों को जमींदोज होते हुए दिखाया गया है। लोग बदहवास हालत में इधर-उधर अपनों की तलाशते नजर आ रहे हैं। कई लोग सड़कों से गुजरते हुए वीडियो के जरिये तबाही का मंजर दिखा रहे हैं।
