
बेटियां सब स्कूल की पढ़ाई में टाॅप करती हैं तो उन्हें भावी डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी कर्मचारी के तौर पर देखा जाता है। कहा जाता है कि बेटियां बड़े पद पर होंगी लेकिन कम ही लोग उन्हें बतौर एक बिजनेस वुमेन के तौर पर देखते या कल्पना करते हैं। पुरुष प्रधान देश में किसी लड़की के लिए परिवार का बिजनेस संभालना आसान नहीं होता, फिर खुद का व्यापार करना तो और भी मुश्किल होता है। लेकिन महिलाओं ने अपनी काबलियत से इस सोच को हरा दिया। अब भारत की महिलाएं केवल पारिवारिक बिजनेस ही नहीं संभाल रहीं, बल्कि खुद का स्टार्टअप भी बड़ी समझदारी के साथ संभालती हैं। देश की कई ऐसी बिजनेस वुमेन हैं जिन्होंने कारोबार की दुनिया में अपना मुकाम हासिल कर लिया है। उन्हें देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक लोग जानते हैं। युवा उद्यमी महिलाओं के लिए इस कठिन लक्ष्य। को पाना आसान नहीं रहा होगा लेकिन अपनी प्रतिभा, सूझ बूझ से उन्होंने अपने सपने को पूरा करते हुए करोड़ो कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रेरणा दी। इन्हीं कारोबारी महिलाओं की सूची में किरण मजूमदार शाॅ, सावित्रि जिंदल, दिव्या गोकुलनाथ, लीना तिवारी का नाम शामिल है। आज हम आपको देश की पांच सबसे अमीर महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं। चलिए जानते हैं फोर्ब्स सूची में शामिल भारत की पांच सबसे अमीर कारोबारी महिलाओं के बारे में।

फोर्ब्स की सूची में भारत की सबसे अमीर महिलाओं में सावित्री जिंदल का नाम शामिल हैं। ओवर आॅल लिस्ट में सावित्री जिंदल सातवें स्थान पर हैं। सावित्री जिंदल ओपी जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन हैं। जिंदल ग्रुप स्टील, पावर, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित कारोबार है। इस कारोबारी ग्रुप की स्थापना सावित्री जिंदल के पति ओम प्रकाश जिंदल ने की थी। साल 2005 में हवाई दुर्घटना में निधन के बाद कारोबार की पूरी जिम्मेदारी सावित्री जिंदल और उनके बेटों ने संभाली। सावित्री जिंदल 71 साल की हैं और हरियाणा सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं।

लीना तिवारी
फार्मा कंपनी यूएसवी इंडिया की चेयरपर्सन लीना तिवारी भारत की सबसे अमीर महिलाओं की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। वहीं 100 लोगों की लिस्ट में लीना तिवारी का 43वां स्थान है। लीना तिवारी की कुल संपत्ति 4.4 अरब डॉलर है। लीना तिवारी की कंपनी यूएसवी इंडिया डायबिटीज और कार्डियोवैस्कुलर ड्रग से संबंधित है। इस कंपनी की स्थापना लीना तिवारी के दादा जी ने की थी।

दिव्या गोकुलनाथ
फोर्ब्स की लिस्ट में भारत की चौथी सबसे अमीर महिला के स्थान पर 37 साल की दिव्या गोकुलनाथ की नाम शामिल है। दिव्या गोकुलनाथ बायजूज की को-फाउंडर हैं। ये एक ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म है। कोरोना महामारी के दौरान जब स्कूल -कॉलेज बंद थे तो बायजुज ने तेजी से ग्रोथ की। दिव्या की सालाना इनकम 4.05 अरब डॉलर हो गई है।

भारत की पांचवी सबसे अमीर महिला किरण मजूमदार शाॅ हैं। फोर्ब्स की सूची में उनका 53 वां स्थान है। किरण मजूमदार शाॅ भारत की सबसे बड़ी लिस्टेड बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोकॉन की फाउंडर हैं। इस कंपनी की स्थापना 1978 में हुई थी। ये दवा उत्पादन के क्षेत्र की बड़ी कंपनी है। किरण मजूमदार को पद्म भूषण और पद्म विभूषण पुरस्कार भी मिल चुका है। फिलहाल उनकी कुल संपत्ति 3.9 अरब डॉलर है।

मल्लिका श्रीनिवासन
फोर्ब्स की सूची में 73वें स्थान पर मल्लिका श्रीनिवासन का नाम है। साथ ही भारत की सबसे अमीर महिलाओं में 6ठें स्थान पर हैं। मल्लिका श्रीनिवासन ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। इस कंपनी की शुरुआत 1960 में हुई थी। ये कंपनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। मल्लिका श्रीनिवासन की कुल संपत्ति 2.89 अरब डॉलर है।








