बालोद. बालोद जिले में चल रहे प्रतिबंधित लकड़ियों के कारोबार को लेकर उप वन मंडल अधिकारी डिंपी बैस ने धनकर आरा मिल में दबिश दी। धनकर आरा मिल रजोली में अर्जुन लट्ठा का अवैध चिरान करते पाया गया। आरा मिल परिसर में रखे अर्जुन प्रजाति के लट्ठा व चिरान का नापजोख कर एक बैंड सॉ, एक ट्रॉली और एक मोटर जब्त किया। एसडीओ डिंपी बैंस की इस कार्रवाई से जिले भर के आरा मिल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

प्रतिबंधित प्रजाति है कहुआ
एसडीओ डिंपी बैस ने बताया कि कहुआ अर्जुन की लकड़ी प्रतिबंधित प्रजाति है। राजस्व क्षेत्र में निजी व्यक्ति द्वारा कटाई के लिए कलेक्टर/एसडीएम से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। अनुमति के बाद ही इसे काट सकते हैं। साथ ही इसके परिवहन के लिए रेंजर द्वारा टीपी जारी किया जाता है। इनमें से किसी भी प्रक्रिया को अगर अपनाया नहीं जाता तो अवैध कटाई राजस्व क्षेत्र में राजस्व टीम द्वारा भू-राजस्व संहिता के तहत कार्रवाई की जाती है।
किसी तरह का कोई वैध दस्तावेज नहीं
उन्होंने बताया कि आरा मिल में कहुआ की लकड़ी का किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं था। इसलिए छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम के तहत कार्यवाही कर मिल को सील करते हुए लकड़ी एवं चिरान जब्त किया गया। डिंपी वैष्णव बताया कि बालोद जिले में सभी जगह पर आकस्मिक निरीक्षण कर जांच पड़ताल की जा रही है। जहां पर भी लापरवाही और नियम के विपरीत कार्य किए जा रहे हैं, वहां पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आवश्यक दस्तावेज का होना आवश्यक है।
लगातार दौरा
आपको बता दें कि वन विभाग द्वारा लगातार दौरा किया जा रहा है। तेंदुपत्ता संग्रहण के साथ-साथ प्रतिबंधित लकड़ियों की कटाई एवं परिवहन को लेकर भी निगरानी की जा रही है। इसी के तहत यह कारर्वाई की गई है। सभी मिलों का बारी-बारी से निरीक्षण किया जा रहा है।
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